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मध्यप्रदेश

छिंदवाड़ा: छात्रसंघ चुनाव को लेकर कांग्रेस का हमला— “अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हुए तो बीजेपी करेगी खरीद-फरोख्त

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा राज्य के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव आयोजित कराने के कड़े निर्देशों के उपरांत समूचे प्रदेश में छात्र राजनीति तीव्र हो गई है।

आगामी सितंबर 2026 में संभावित छात्रसंघ चुनावों के मद्देनजर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने अपनी सांगठनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी चुनाव की आधिकारिक तिथियों की अंतिम घोषणा होना शेष है।

📅 सितंबर महीने में होंगे छात्रसंघ चुनाव, साल 2017 के बाद पहली बार मिलेगा मौका

प्रदेश के समस्त शासकीय व अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2017 के बाद पहली बार छात्रसंघ चुनाव की बहाली होने जा रही है।

उच्च न्यायालय में प्रस्तुत याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना शैक्षणिक कैलेंडर प्रस्तुत करते हुए यह स्थिति स्पष्ट कर दी है कि आगामी सितंबर माह में सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी परिसरों में छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

🎓 कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस में चुनावी अभियान तेज, नए नेतृत्व की प्रयोगशाला बने संस्थान

छात्रसंघ चुनाव मुख्यधारा की राजनीति और प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए नया एवं ऊर्जावान नेतृत्व तैयार करने की एक महत्वपूर्ण नर्सरी माने जाते हैं।

भारतीय राजनीति को छात्र राजनीति के माध्यम से कई शीर्ष नेतृत्व प्राप्त हुए हैं। यही कारण है कि सभी प्रमुख छात्र संगठन राज्य के बड़े महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र समस्याओं व मुद्दों को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। मुख्य रूप से एबीवीपी और एनएसयूआई विद्यार्थियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाकर आगामी चुनावों में अपनी बढ़त बनाने के प्रयास में जुट गए हैं।

🗳️ एनएसयूआई ने की प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली की मांग, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत

कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की छिंदवाड़ा जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी ने रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता (Press Conference) को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव पुनः प्रारंभ कराए जाने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले का सहर्ष स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित हमारी न्यायसंगत मांगों पर न्यायालय ने संज्ञान लेकर ऐतिहासिक निर्णय दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पुरजोर मांग उठाई कि छात्रसंघ चुनाव केवल और केवल प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली (Direct Election System) से ही कराए जाने चाहिए।

💸 “अप्रत्यक्ष चुनाव में होगा धनबल का प्रयोग”, एनएसयूआई का बीजेपी पर तीखा हमला

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “यदि चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली (CR/प्रतिनिधि माध्यम) से कराए गए, तो भारतीय जनता पार्टी अपने धनबल के माध्यम से क्लास रिप्रेजेंटेटिव (CR) को खरीदने का प्रयास करेगी। जो राजनीतिक दल सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त कर चुनी हुई सरकारें गिरा सकता है, उसके लिए छात्र प्रतिनिधियों को प्रभावित करना कोई कठिन कार्य नहीं होगा। प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से चुनाव होने पर ही वास्तविक रूप से छात्र हितों के लिए संघर्ष करने वाले मेधावी युवा राजनीति के मुख्य पटल पर आ सकेंगे।”

📱 मुख्यमंत्री की इन्फ्लुएंसर्स मीट पर उठाए सवाल, कहा— “युवाओं का सरकार से उठा भरोसा”

शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से किए गए संवाद पर कटाक्ष करते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने कहा, “भाजपा सरकार को अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और जनरेशन-जी (Gen-Z) युवाओं की वास्तविक शक्ति का आभास हो चुका है। उन्हें भली-भांति ज्ञात है कि अब जागरूक मीडिया और देश का युवा उनके कुशासन के लिए चुनौती बन सकता है। राज्य के युवाओं का वर्तमान सरकार से विश्वास उठ चुका है, यही कारण है कि मुख्यमंत्री को अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठके करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।”

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