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गूगल अर्थ का नया AI फीचर 1 दिन में ही वापस! फेक सैटेलाइट तस्वीरों और विवाद के बाद गूगल का बड़ा फैसला

सिलिकॉन वैली: टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अपने प्रसिद्ध प्लेटफॉर्म ‘गूगल अर्थ’ (Google Earth) में हाल ही में लॉन्च किए गए नए एआई इमेज जनरेशन फीचर को रोलआउट के महज 24 घंटे बाद वापस ले लिया है।

इस एआई फीचर का दुरुपयोग कर कुछ अराजक यूजर्स ने आतंकी हमलों, बड़े औद्योगिक हादसों और हिंसा से जुड़ी फर्जी और भ्रामक सैटेलाइट तस्वीरें (Fake Satellite Imagery) बनानी शुरू कर दी थीं। सोशल मीडिया पर इन फर्जी तस्वीरों के वायरल होने के बाद व्यापक आलोचना हुई और वैश्विक स्तर पर गलत जानकारी फैलने की गंभीर आशंका जताई गई। भारी विवाद को देखते हुए गूगल ने कहा कि अब इस फीचर को अधिक मजबूत सुरक्षा मानकों और फिल्टर्स के साथ दोबारा तैयार किया जाएगा।

⏱️ लॉन्च के महज 24 घंटे के भीतर ही खींचना पड़ा फीचर, सोशल मीडिया पर बढ़ा विरोध

गूगल ने 30 जुलाई को ही गूगल अर्थ में इस एडवांस्ड एआई इमेज जनरेशन फीचर को आधिकारिक तौर पर पेश किया था।

इस फीचर की मदद से यूजर्स केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट (Text Prompts) देकर गूगल अर्थ की उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर नई और काल्पनिक एआई तस्वीरें तैयार कर सकते थे। हालांकि, इसके सार्वजनिक होते ही दुरुपयोग के मामले सामने आए, जिसके कारण लॉन्चिंग के ठीक एक दिन बाद कंपनी को इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने का सख्त फैसला करना पड़ा।

⚠️ फेक सैटेलाइट तस्वीरों ने बढ़ाई वैश्विक चिंता, नैनो बनाना 2 एआई मॉडल पर आधारित था फीचर

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई यूजर्स ने एआई की मदद से युद्ध, आतंकी हमलों, प्राकृतिक आपदाओं और भारी हिंसा की बेहद असली दिखने वाली फर्जी सैटेलाइट इमेजेस तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा कर दीं।

विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि ऐसी तस्वीरों का इस्तेमाल प्रोपेगैंडा फैलाने, साइबर स्पेस में भ्रम पैदा करने और चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में आम जनता को गुमराह करने के लिए किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि यह नया फीचर गूगल के नैनो बनाना 2 (Nano Banana 2) एआई मॉडल पर आधारित था, जिसे शुरुआत में काफी लोकप्रियता मिली थी।

🗣️ गूगल की सफाई: “सुरक्षा उपाय मजबूत करने के बाद दोबारा पेश करेंगे यह फीचर”

पूरे विवाद पर गूगल के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि दुनिया भर के लोग पृथ्वी और उपग्रह डेटा को विश्वसनीय तरीके से देखने के लिए गूगल अर्थ पर अटूट भरोसा करते हैं।

कंपनी के अनुसार, कई जियोस्पेशियल प्रोफेशनल और शोधकर्ता इस एआई फीचर का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए कर रहे थे, किंतु कुछ यूजर्स द्वारा बनाई गई इमेजेस कंपनी की सुरक्षा नीतियों का स्पष्ट उल्लंघन करती पाई गईं। इसलिए अस्थाई रूप से इस फीचर को हटाया गया है। गूगल ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजर्स द्वारा बनाई गई एआई तस्वीरें अन्य आम यूजर्स को गूगल अर्थ के मुख्य इंटरफेस पर दिखाई नहीं देती थीं और सभी एआई इमेजेस पर अदृश्य वाटरमार्क (Watermark) भी लगाया गया था।

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