ब्रेकिंग
इंदौर: बीच शहर में बड़ी कार्रवाई: कान्ह नदी किनारे 50 से अधिक अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर । सेंधवा में पत्रकार एकता की नई मिसाल, जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए बढ़ाया बदलाव की ओर कदम Video: जम्मू कश्मीर के रिटायर्ड डीजीपी केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से नाराज सेंधवा: नगर पालिका का सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त शहर जन-जागरूकता अभियान । इंदौर: चॉकलेट फैक्ट्री में निर्धारित सीमा से अधिक 375 क्विंटल शक्कर का मिला स्टॉक, जप्त सेंधवा: मनोकामनेश्वर महादेव मंदिर पर विशाल भंडारा, 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की भोजन प्रस... बड़वानी: कार्य में लापरवाही पर पाटी,ठीकरी ,निवाली बीएमओ को कारण बताओ नोटिस एवं दो बीएमओ के वेतन राजस... देवास : सरकारी जमीन, रास्तों और नालों पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं बड़वानी: कोटक महेन्द्रा बैंक की नकली आईडी दिखाकर नौकरी का झांसा देने वाले आरोपियों को कोर्ट से सजा । सेंधवा में पत्रकार एकता की नई पहल, पुराने प्रेस क्लब से अलग होकर सिटी प्रेस क्लब का सर्वसम्मति से गठ...
Uncategorized

बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त

बरेली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले अंतर्गत भोजीपुरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित दहेज हत्या मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला की अदालत ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और मृतका के 5 वर्षीय मासूम बेटे की निष्पक्ष गवाही का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए आरोपी ससुर हेतराम को सभी आरोपों से पूरी तरह दोषमुक्त (बरी) कर दिया है। यह पूरा मामला भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव खानपुर का है, जहां मृतका बरखा गुप्ता के मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही उसे अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और अंततः उसकी हत्या कर दी गई।

📜 5 साल के बेटे ऋषि ने कोर्ट में खोला राज: “मां ने कुर्सी पर चढ़कर लगाया था फंदा”

मायके वालों की शिकायत और पुलिस जांच के उपरांत मृतका के पति नरेश तथा ससुर हेतराम के विरुद्ध दहेज हत्या की धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश हुए मृतका के 5 वर्षीय मासूम बेटे ऋषि के बयान ने पूरे केस का रुख बदल दिया। बच्चे ने जज के सामने बताया कि घटना वाले दिन वह स्कूल नहीं गया था। उस समय उसके पिता बाजार में अचार बेचने गए हुए थे और दादा काम से खेत पर गए थे। बच्चे ने मासूमियत से कोर्ट को बताया कि उसकी मां ने उसे पहले बिस्तर पर लिटाया, फिर खुद कुर्सी पर चढ़कर छत के पंखे में चुनरी बांधी और गले में फंदा लगा लिया।

🚪 अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा, बच्चे के रोने पर खिड़की से घुसे थे पड़ोसी

मासूम ऋषि ने आगे बताया कि मां के कहने पर उसने नीचे रखी कुर्सी हटा दी थी, जिसके बाद मां नीचे गिर गई।

कमरे का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था। घटना के बाद जब बच्चा जोर-जोर से रोने लगा, तो उसकी आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी एकत्र हो गए और खिड़की के रास्ते कमरे के अंदर प्रवेश किया, जिसके बाद घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

⚖️ केस की सुनवाई के दौरान पति की हुई मौत, कोर्ट बोला- “केवल संदेह पर नहीं दी जा सकती सजा”

उल्लेखनीय है कि इस आपराधिक मुकदमे की अदालती सुनवाई चलने के दौरान ही आरोपी पति नरेश की जेल में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी।

उसे उपचार हेतु मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां गंभीर बीमारी के चलते उसकी मृत्यु हो गई थी। अदालत ने अपने अंतिम निर्णय में स्पष्ट रेखांकित किया कि किसी भी अभियुक्त को केवल संदेह या आरोपों के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मामले में ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य न होने तथा प्रत्यक्षदर्शी मासूम बच्चे की निष्पक्ष गवाही को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने ससुर हेतराम को ससम्मान बरी करने का आदेश जारी किया।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button