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महासमुंद: शराब दुकानों के सुरक्षाकर्मियों को 2 माह से नहीं मिला वेतन, 11 तारीख को सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी

महासमुंद (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की शासकीय शराब दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था का दायित्व संभालने वाले सुरक्षाकर्मी (सिक्योरिटी गार्ड्स) इन दिनों भारी आर्थिक तंगी और वेतन संकट से जूझ रहे हैं।

सुरक्षाकर्मियों का गंभीर आरोप है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘ईगल हंटर कंपनी’ (Eagle Hunter Security Agency) द्वारा उन्हें पिछले दो महीनों का पारिश्रमिक (वेतन) नहीं दिया गया है। आबकारी जांच चौकियों और मदिरा दुकानों में तैनात इन कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।

📄 आबकारी विभाग व सीएसएमसीएल प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन, 10 तारीख तक भुगतान न होने पर काम बंद करने की दी चेतावनी

अपनी जायज मांगों को लेकर पीड़ित सुरक्षाकर्मियों ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला प्रबंधक सीएसएमसीएल (CSMCL) एवं जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया है।

कर्मचारियों ने बताया कि दो-दो माह तक वेतन लटके रहने के कारण परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की स्कूल फीस, मकान किराया और बैंक की किस्तें चुकाना दूभर हो गया है। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि प्रति माह की 10 तारीख तक उनके खातों में वेतन जमा नहीं किया गया, तो 11 तारीख को सभी सुरक्षाकर्मी एक साथ सामूहिक रूप से अपना त्यागपत्र (इस्तीफा) सौंप देंगे।

💬 “उधार मिलना बंद हो गया, बच्चों का स्कूल छूटा”, पीड़ित गार्ड्स ने सुनाई अपनी व्यथा

सुरक्षाकर्मी रविंद्र प्रजापति ने बताया कि “ईगल हंटर कंपनी ने ₹11,600 का मासिक वेतन पिछले दो महीनों से रोक रखा है। वेतन न मिलने से हमारा परिवार भयंकर आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। बाजार में अब कोई राशन भी उधार नहीं दे रहा है, इसीलिए हमने जिला आबकारी अधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। यदि हमारे इस्तीफे के बाद दुकानों के संचालन या राजस्व में नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आबकारी विभाग और संबंधित ठेकेदार एजेंसी की होगी।”

वहीं, एक अन्य सुरक्षाकर्मी लीलाधर यादव ने भावुक होते हुए कहा, “मैं अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए दिन-रात ड्यूटी कर रहा हूं, लेकिन दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है। फीस जमा न होने के कारण बच्चे को स्कूल से निकाल दिया गया है। अब समझ नहीं आ रहा कि परिवार कैसे चलाएं।”

🏛️ “सुरक्षा एजेंसी और कंपनी का मामला, जल्द समाधान के लिए उच्च स्तर पर भेजा ज्ञापन”: आबकारी अधिकारी अजय पाण्डेय

इस पूरे मामले पर जिला आबकारी अधिकारी (District Excise Officer) अजय पाण्डेय ने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा वेतन में विलंब को लेकर ज्ञापन प्राप्त हुआ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह विषय आउटसोर्सिंग सुरक्षा एजेंसी और संबंधित कंपनी के बीच के अनुबंध से जुड़ा हुआ है। कर्मचारियों के ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों और ईगल हंटर एजेंसी को प्रेषित किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द सुरक्षाकर्मियों के बकाये वेतन का भुगतान कराया जा सके। आबकारी विभाग इस दिशा में आवश्यक समन्वय स्थापित कर रहा है।”

💰 करोड़ों का राजस्व देने वाली शराब दुकानों में गार्ड्स के मानदेय पर डाका, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

उल्लेखनीय है कि शराब दुकानों की सुरक्षा में यह गार्ड्स 24 घंटे तैनात रहकर शासकीय संपत्ति और नकदी की रखवाली करते हैं।

राज्य सरकार को शराब दुकानों के माध्यम से प्रतिमाह करोड़ों रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त होता है और ठेका एजेंसियों को भी आबकारी विभाग द्वारा समय पर नियमानुसार भुगतान किया जाता है। इसके बावजूद निजी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गरीब सुरक्षाकर्मियों का वेतन रोककर उन्हें आंदोलन और इस्तीफे के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे विभाग की मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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