
•राष्ट्रउदय न्यूज। सेंधवा
नेपाल-चीन (तिब्बत) सीमा पर स्थित रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है, जिसमें नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार 384 यात्री लापता हैं। इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा में अब तक 95 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। लापता 384 लोगों में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। इनमें से 105 से 133 यात्री भारतीय हैं, जो मुख्य रूप से चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे। भारतीयों के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड के पर्यटक और जलविद्युत परियोजना के कर्मचारी भी लापता हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री शशिशर खनाल के अनुसार, सुबह लगभग 8:37 बजे आए 4.4 तीव्रता के भूकंप के कारण एक विशाल भूस्खलन और हिमस्खलन हुआ, जिसने भोटेकोशी नदी का रास्ता रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप अचानक नदी का जलस्तर बढ़ा और सीमावर्ती रसुवागढ़ी-केरुंग पोर्ट पर भयंकर सैलाब आ गया। इस सैलाब ने नेपाल और चीन को जोड़ने वाले द्विपक्षीय व्यापारिक रास्तों, सड़कों, कई जलविद्युत परियोजनाओं और पुलों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।