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पंचकूला सीबीआई अदालत में 645 करोड़ के सरकारी फंड घोटाले की सुनवाई: आरोपी रिभव रिषी की जमानत पर 17 अगस्त को होगा फैसला

पंचकूला (हरियाणा): हरियाणा के पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई (CBI) अदालत में ₹645 करोड़ रुपये के कथित बहुचर्चित सरकारी फंड घोटाले में मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे आरोपी रिभव रिषी ने नियमित जमानत याचिका प्रस्तुत की है।

अदालत ने जमानत याचिका पर प्राथमिक सुनवाई करते हुए मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस चर्चित मामले में अगली अदालती सुनवाई आगामी 17 अगस्त को निर्धारित की गई है।

🏦 आईडीएफसी फर्स्ट बैंक चंडीगढ़ का पूर्व मैनेजर है आरोपी, 17 अगस्त को होगी सीबीआई के जवाब पर बहस

याचिकाकर्ता रिभव रिषी चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित ‘आईडीएफसी फर्स्ट बैंक’ (IDFC First Bank) शाखा का पूर्व बैंक मैनेजर है।

आरोपी की ओर से मंगलवार को विशेष सीबीआई अदालत में नियमित जमानत हेतु औपचारिक आवेदन दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने जांच एजेंसी सीबीआई को अपना लिखित पक्ष और जवाब दाखिल करने के सख्त निर्देश जारी किए। अब 17 अगस्त को प्रस्तावित अगली सुनवाई में सीबीआई के जवाब के आधार पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा विस्तृत कानूनी दलीलें प्रस्तुत की जाएंगी।

⛓️ 24 फरवरी को हुई थी पहली गिरफ्तारी, सीबीआई कर रही है ₹645 करोड़ के वित्तीय प्रवाह की जांच

उल्लेखनीय है कि इस विशाल वित्तीय घोटाले में रिभव रिषी को सर्वप्रथम 24 फरवरी को स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

मामले की संवेदनशीलता और भारी भरकम राशि को देखते हुए राज्य सरकार ने बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने जांच अपने हाथों में लेने के उपरांत 17 अप्रैल को रिषी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सीबीआई की विशेष टीम कथित अवैध वित्तीय लेनदेन, पैसों के ट्रेल (Money Trail) और इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य अधिकारियों व आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

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