पगारिया परिवार की बहु ने 31 दिवसीय मासक्षमण तपस्या पूर्ण कर कठिन साधना का उदाहरण पेश किया।
सकल श्रीसंघ की अगुआई में बैंड बाजो के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया।

इंदौर – सांवेर नगर के पगारिया परिवार की बहू रीना प्रभात पगारिया ने चातुर्मास में 31 दिवसीय मासक्षमण तपस्या पूर्ण कर कठिन साधना का उदाहरण पेश किया।
रीना बेन ने 31 दिनों तक अन्न का पूरी तरह त्याग कर केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच गर्म जल ग्रहण किया। शुक्रवार को तपस्या पूर्ण होने के बाद शनिवार को उनके पारणे (31 दिन बाद आहार देने) के अवसर पर धार्मिक उत्सव माहौल रहा। सकल श्रीसंघ की अगुआई में रीना बेन को बग्घी में विराजित कर बैंड-बाजे के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया। नगर की गलियां तपस्या की अनुमोदना और जयकारों से गूंज उठीं। इसमें सांवेर के अलावा अन्य स्थानों से आए साधर्मिकजन भी शामिल हुए। आराधना भवन में साध्वी निरागयशा श्रीजी और सुब्रतयशा श्रीजी की निश्रा में रीना बेन का सामूहिक बहुमान किया गया। तेरापंथ संप्रदाय की ओर से उन्हें सम्मान पत्र भेंट किया गया। आचार्य श्री महाश्रमण, जो इस चातुर्मास में लाडनूं में विराजित हैं, की ओर से भी आशीर्वचन और प्रशस्ति पत्र भेजा गया, जिसका वाचन किया गया। पारणा के दौरान साध्वी निरागयशा श्रीजी और परिवार के सदस्यों ने रीना बेन को इक्षु रस पिलाकर तपस्या का समापन कराया।