ब्रेकिंग
इंदौर: बीच शहर में बड़ी कार्रवाई: कान्ह नदी किनारे 50 से अधिक अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर । सेंधवा में पत्रकार एकता की नई मिसाल, जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए बढ़ाया बदलाव की ओर कदम Video: जम्मू कश्मीर के रिटायर्ड डीजीपी केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से नाराज सेंधवा: नगर पालिका का सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त शहर जन-जागरूकता अभियान । इंदौर: चॉकलेट फैक्ट्री में निर्धारित सीमा से अधिक 375 क्विंटल शक्कर का मिला स्टॉक, जप्त सेंधवा: मनोकामनेश्वर महादेव मंदिर पर विशाल भंडारा, 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की भोजन प्रस... बड़वानी: कार्य में लापरवाही पर पाटी,ठीकरी ,निवाली बीएमओ को कारण बताओ नोटिस एवं दो बीएमओ के वेतन राजस... देवास : सरकारी जमीन, रास्तों और नालों पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं बड़वानी: कोटक महेन्द्रा बैंक की नकली आईडी दिखाकर नौकरी का झांसा देने वाले आरोपियों को कोर्ट से सजा । सेंधवा में पत्रकार एकता की नई पहल, पुराने प्रेस क्लब से अलग होकर सिटी प्रेस क्लब का सर्वसम्मति से गठ...
Uncategorized

नोएडा में ‘स्पेशल 26’ स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गिरफ्तार

नोएडा (उत्तर प्रदेश): नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर संगीन लूटकांड की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

बदमाशों ने स्वयं को फर्जी जीएसटी (GST) अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर एक प्रतिष्ठित जीएसटी कंसलटेंट को करीब सात घंटे तक कार में बंधक बनाए रखा। इसके पश्चात डरा-धमकाकर उससे 29 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने मामले का त्वरित पटाक्षेप करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना समेत पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 24.50 लाख रुपये नकद, 4.5 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, दरोगा की असली जैसी पुलिस वर्दी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह ने वारदात को अंजाम देने से पूर्व पीड़ित की करीब ढाई साल तक लगातार रेकी की थी।

🚘 ओवरटेक कर जबरन कार रोकी, ‘GST में गड़बड़ी है’ कहकर कार में बिठाया और यमुना एक्सप्रेसवे पर घुमाया

सेंट्रल नोएडा के पुलिस उपायुक्त (DCP) शैलेंद्र सिंह ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि बिसरख क्षेत्र निवासी संदीप पेशेवर जीएसटी कंसलटेंट हैं।

गत 20 जुलाई को वे अपनी कार से गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी बदमाशों ने अपनी वाहन से उनकी कार को ओवरटेक कर जबरन रुकवा लिया। इसके उपरांत आरोपियों ने खुद को वाणिज्य कर विभाग का बड़ा GST अधिकारी बताया और खातों में भारी वित्तीय गड़बड़ी का खौफ दिखाकर उन्हें धमकाना प्रारंभ कर दिया। कार में दो अभियुक्त पुलिस की बाकायदा वर्दी पहने हुए थे। फर्जी सरकारी तंत्र के डर से संदीप सहम गए, जिसका लाभ उठाकर आरोपियों ने उन्हें अपनी कार में जबरन बिठा लिया और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते जेवर की ओर ले गए।

💰 50 लाख की रंगदारी से शुरू हुई सौदेबाजी, 7 घंटे के खौफनाक दबाव के बाद 29 लाख में छूटा कंसलटेंट

अपहरणकर्ताओं ने कंसलटेंट को जेल भेजने का भय दिखाकर सीधे 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की।

इस दौरान उसे लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और कहा गया कि उसे जांच हेतु मुख्यालय लखनऊ ले जाया जा रहा है। करीब सात घंटे तक अलग-अलग एकांत रास्तों पर घुमाए जाने के उपरांत डर के साए में आखिरकार सौदा 29 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद पीड़ित ने अत्यंत भयभीत होकर अपने भाई से 29 लाख रुपये मंगाकर आरोपियों को सौंपे। मोटी रकम हाथ लगते ही बदमाशों ने उसे सुनसान जगह छोड़कर फरार हो गए। घर पहुंचकर पीड़ित ने आपबीती पुलिस को बताई।

📺 मीडिया कवरेज के बाद पुलिस महकमे में हलचल, 5 आरोपी गिरफ्तार और 2 की तलाश जारी

प्रारंभिक शिकायत के बाद मामले में करीब 19 दिनों तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी थी, किंतु प्रकरण के मीडिया में आने के उपरांत पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।

आरोपियों की धरपकड़ हेतु पुलिस की कई विशेष सर्विलांस व स्वाट टीमें गठित की गईं। तकनीकी साक्ष्यों व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 5 आरोपियों—काशीष चौहान (बिजनौर), राजेश पवार (दिल्ली), विवेक शर्मा (मथुरा), अंकित शाही (देवरिया) और अंशुल (एटा) को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से उप-निरीक्षक (SI) की वर्दी और दिल्ली डिफेंस फोर्स की वर्दी भी जब्त की है।

🕵️ ढाई साल की योजनाबद्ध रेकी, आर्थिक गतिविधियों का डेटा जुटाकर दिया वारदात को अंजाम

पुलिस की गहन पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पीड़ित के कामकाज, बैंक लेन-देन और दैनिक आवाजाही की गतिविधियों पर विगत ढाई वर्षों से कड़ी नजर रख रहे थे।

पूरी आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन करने के पश्चात ही गिरोह ने फर्जी पुलिस व GST अधिकारी बनकर लूट का यह सुनियोजित ताना-बाना बुना था। फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने एनसीआर (NCR) क्षेत्र में ऐसी अन्य कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button