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शामली में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी फुरकान ढेर! कैराना पलायन का था मास्टरमाइंड, एक सिपाही को लगी गोली

शामली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की शामली जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। झिंझाना थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव रंगाना के पास पुलिस और दुर्दांत अपराधियों के मध्य हुई भीषण मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी कुख्यात बदमाश फुरकान मारा गया। मुठभेड़ के दौरान फुरकान ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया। इस गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी के पेट में गोली लगी है, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।

📜 लंबे समय से फरार चल रहा था फुरकान, दर्ज थे हत्या व रंगदारी के 30 से अधिक आपराधिक मामले

पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, कुख्यात अपराधी फुरकान विगत लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।

उसकी गिरफ्तारी हेतु निरंतर विशेष अभियान संचालित किए जा रहे थे और उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया गया था। फुरकान के विरुद्ध हत्या, डकैती, रंगदारी, जानलेवा हमले एवं अन्य संगीन अपराधों समेत 30 से अधिक आपराधिक मामले पंजीकृत थे। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात मुकीम काला गैंग (Mukim Kala Gang) का अत्यंत सक्रिय शूटर माना जाता था।

🏚️ वर्ष 2014 के चर्चित कैराना पलायन से सीधा जुड़ा था नाम, व्यापारियों से वसूलता था रंगदारी

फुरकान का नाम वर्ष 2014 के बहुचर्चित ‘कैराना पलायन’ कांड में प्रमुखता से उजागर हुआ था।

आरोप है कि वर्ष 2014 में उसने मुकीम काला गैंग के साथ मिलकर कैराना के प्रतिष्ठित व्यापारियों से लाखों रुपये की रंगदारी वसूली और इंकार करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। रंगदारी न देने की स्थिति में व्यापारियों की निर्मम हत्या तक कर दी जाती थी। इन जघन्य आपराधिक घटनाओं के पश्चात् कैराना के सैकड़ों व्यापारी एवं संभ्रांत परिवार भयक्रांत होकर अपने पुश्तैनी मकान छोड़कर अन्य राज्यों व शहरों में पलायन कर गए थे। उस समय यह मामला संपूर्ण देश में राजनीतिक व सामाजिक चर्चा का केंद्र बना था।

⚠️ दिनदहाड़े व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या कर फैलाया था खौफ, 300 से अधिक परिवारों ने छोड़ा था कैराना

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुरकान पर दिनदहाड़े कैराना के प्रमुख व्यापारी विनोद सिंघल की गोली मारकर हत्या करने का भी गंभीर आरोप था।

जेल से जमानत पर रिहा होने के उपरांत उसने पुनः रंगदारी वसूलने और धमकियां देने का कारोबार शुरू कर दिया था। उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में खौफ का वातावरण निर्मित हो गया था। आंकड़ों के अनुसार, उस दौर में भय के कारण लगभग 346 परिवारों ने कैराना से पलायन कर लिया था।

🔫 घटनास्थल से स्वचलित कार्बाइन व पिस्टल बरामद, फरार साथी की तलाश में कॉम्बिंग जारी

मुठभेड़ की समाप्ति के पश्चात पुलिस ने घटनास्थल से एक स्वचालित कार्बाइन, एक पिस्टल एवं भारी मात्रा में कारतूस जब्त किए हैं।

पुलिस का कहना है कि फुरकान का एक अन्य हथियारबंद साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी हेतु आसपास के जंगलों व क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन (Combing Operation) चलाया जा रहा है। पुलिस फुरकान के संपूर्ण आपराधिक नेटवर्क और शरणदाताओं की भी पड़ताल कर रही है।

💬 “10 दिनों में 3 व्यापारियों की हत्या कर फैलाया था आतंक”: एन.पी. सिंह, पुलिस अधीक्षक शामली

“वर्ष 2014 में मुकीम काला और फुरकान ने कैराना क्षेत्र में आतंक का साम्राज्य स्थापित कर रखा था। मात्र 10 दिनों के भीतर रंगदारी न देने पर तीन निर्दोष व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी, जिसके चलते पलायन की स्थिति उत्पन्न हुई। फुरकान इस गिरोह का अंतिम मुख्य क्रियाशील सदस्य था, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी।”

⚔️ मुकीम काला गैंग पर पुलिस का शिकंजा, प्रमुख शूटर के मारे जाने से गैंग का खात्मा तय

पुलिस के अनुसार, गिरोह के मुख्य सरगना मुकीम काला की कुछ वर्ष पूर्व चित्रकूट जेल में हुई गैंगवार के दौरान मृत्यु हो चुकी है।

विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए गए अभियानों में इस गैंग के कई प्रमुख शूटर मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुरकान इस गिरोह का बचा हुआ सबसे प्रमुख और सक्रिय अपराधी था, जिसके मारे जाने से पश्चिमी यूपी में गैंग की आपराधिक गतिविधियों पर विराम लगेगा।

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