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मध्यप्रदेश

विदेश में इमाम बनाने का सपना दिखा रायसेन के फैजान से ठगी: ओमान में कराया टॉयलेट साफ, भारतीय दूतावास ने कराया रेस्क्यू

रायसेन (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक झकझोर देने वाला जॉब फ्रॉड (Job Fraud) का मामला सामने आया है। यहाँ के एक युवक को विदेश की मस्जिद में इमाम (नमाज़ पढ़ाने वाला) की सम्मानजनक नौकरी दिलाने का लालच देकर ओमान (Oman) बुला लिया गया। किंतु वहाँ पहुँचने पर उससे 14-15 घंटे जबरन मजदूरी कराई गई, बर्तन धुलवाए गए और टॉयलेट साफ कराए गए। गंभीर टॉर्चर और मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद पीड़ित युवक किसी तरह भारत वापस लौट पाया है। यह पूरा मामला रायसेन जिले के दीवानगंज निवासी मोहम्मद फैजान का है, जो बेहतर भविष्य और धार्मिक सेवा की उम्मीद में मस्कट (Muscat) गए थे।

💸 इमाम की नौकरी और मेडिकल के नाम पर ऐंठे 2 लाख रुपये, मस्कट पहुंचते ही रूह कांप उठी

पीड़ित मोहम्मद फैजान ने मीडिया को आपबीती बताते हुए खुलासा किया कि जनवरी 2026 में उनकी मुलाकात एक ट्रैवल एजेंट से हुई थी।

एजेंट ने पूरा भरोसा दिलाया था कि ओमान की एक प्रतिष्ठित मस्जिद में उन्हें इमाम के पद पर नियुक्त कराया जाएगा। इस नौकरी के नाम पर एजेंट ने पहले 20 हजार रुपये एडवांस लिए और फिर मेडिकल व वीजा प्रक्रिया के बहाने 1 लाख 80 हजार रुपये और ऐंठ लिए। पीड़ित परिवार ने करीब 2 लाख रुपये का कर्ज व इंतजाम कर फैजान को 4 मई 2026 को मस्कट के लिए रवाना किया था। किंतु मस्कट पहुंचते ही फैजान के सपने दुःस्वप्न में बदल गए।

😡 15 घंटे ली जाती थी ड्यूटी, चार-चार दिन रखा भूखा; टॉयलेट साफ करने पर किया मजबूर

मस्कट पहुंचने पर फैजान को मस्जिद के स्थान पर एक मिनिस्ट्री ऑफिस (Ministry Office) की देखरेख में भेज दिया गया।

फैजान के अनुसार, उनसे प्रतिदिन 30 से 40 कमरों की सफाई कराई जाती थी, टॉयलेट साफ करवाए जाते थे और बर्तन धोना पड़ता था। बिना किसी साप्ताहिक छुट्टी के रोजाना 14 से 15 घंटे कड़ा शारीरिक श्रम कराया जाता था। इसके बदले न तो तय वेतन दिया गया और न ही भोजन के लिए पैसे। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि उन्हें कई बार चार-चार दिनों तक भूखा रहना पड़ा। फैजान ने बताया कि वे मानसिक रूप से इस कदर टूट चुके थे कि कई बार आत्महत्या करने का विचार आने लगा था।

🤝 मस्कट में एनआरआई (NRI) बने फरिश्ता, डेढ़ महीने घर में रखकर दी शरण

जब फैजान ने विरोध दर्ज कराया, तो कंपनी और एजेंटों ने मदद करने से साफ इनकार कर दिया और उनका संपर्क नंबर ब्लॉक कर दिया।

ऐसी गंभीर स्थिति में मस्कट में रह रहे अन्य सहृदय भारतीयों ने उनकी मदद की। मस्कट निवासी नवाब भाई ने उन्हें भोजन के लिए आर्थिक सहायता दी, जबकि मोहम्मद खलील अहमद नामक व्यक्ति ने फैजान को डेढ़ महीने तक अपने घर में शरण दी और उनका ढांढस बंधाया।

🇮🇳 भारतीय दूतावास के प्रयास से सुरक्षित वतन वापसी, फैजान ने की जांच-पड़ताल की अपील

तत्पश्चात मस्कट स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के संज्ञान में यह मामला लाया गया।

भारतीय दूतावास की त्वरित कूटनीतिक और कानूनी मदद के बल पर आखिरकार करीब ढाई महीने की गंभीर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना सहने के बाद फैजान की सुरक्षित भारत वापसी (वतन वापसी) संभव हो पाई। भारत लौटकर फैजान ने केंद्र व राज्य सरकार से ऐसे फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने विदेश जाने के इच्छुक अन्य युवाओं से भी अपील की है कि वे बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी एजेंट के झांसे में न आएं।

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