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मध्यप्रदेश

इंदौर में फर्जी आधार कार्ड बनाकर नाबालिगों की शादी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

इंदौर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उन्हें बालिग दर्शाने तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जबरन शादी कराने वाले एक अंतरप्रांतीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

मामले में बाणगंगा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के पांच अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार फरार आरोपियों की संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है और उन्हें शीघ्र हिरासत में ले लिया जाएगा।

🔍 नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने से खुला राज, पुलिस की जांच में हुआ खुलासा

इस संपूर्ण नेटवर्क का खुलासा उस समय हुआ जब बाणगंगा थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब बालिका का कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण का मामला पंजीकृत कर गहन तफ्तीश प्रारंभ की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं तथा अन्य अहम साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों को चिन्हित कर चार आरोपियों को धर दबोचा।

📜 फर्जी दस्तावेज तैयार कर 2-3 महीने में तोड़ देते थे शादी, लाखों रुपये ऐंठने का था खेल

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपराध की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का सनसनीखेज खुलासा किया।

आरोपी नाबालिग बालिकाओं का अपहरण करने के पश्चात उनके फर्जी पहचान पत्र (आधार कार्ड) तैयार करवाते थे, जिनमें लड़की की आयु बढ़ाकर उसे बालिग दिखाया जाता था। तत्पश्चात उसी जाली पहचान के आधार पर विभिन्न स्थानों पर उसकी शादी रचाई जाती थी। विवाह के दो से तीन माह के भीतर किसी न किसी बहाने से रिश्ता तुड़वा दिया जाता था और पुनः उसी बालिका की दूसरी जगह शादी करवा दी जाती थी। इस तरह एक ही बालिका का बारंबार सौदा कर यह गिरोह लोगों से लाखों रुपये ऐंठता था।

🏛️ कई वर्षों से सक्रिय था अंतरप्रांतीय गिरोह, रतलाम और इंदौर के आरोपी शामिल

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार यह संगठित गिरोह लंबे समय से इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का निवासी है, जबकि अन्य आरोपी इंदौर व आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह ने पूर्व में भी कई नाबालिग बालिकाओं को अपना शिकार बनाया है। वर्तमान में पुलिस हिरासत में लेकर आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन से भू-माफिया या बिचौलिए शामिल हैं।

🚓 5 फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश, फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले भी जांच के दायरे में

बाणगंगा थाना पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में कुल नौ आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित हुई है, जिनमें से चार को जेल भेज दिया गया है तथा शेष पांच की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस का कहना है कि जाली दस्तावेज व फर्जी पहचान पत्र तैयार करने वाले केंद्रों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने किन-किन राज्यों या जनपदों में इस प्रकार की शादियां करवाईं।

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