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अमरीका में जन्मसिद्ध नागरिकता पर फिर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा प्रहार! दो नए कार्यकारी आदेशों पर किए दस्तखत

वाशिंगटन (अमरीका): अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन देश में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) के अधिकार को सीमित करने के अपने प्रयासों पर पुनः मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

इस संदर्भ में राष्ट्रपति ट्रंप ने नए एवं सीमित दायरे वाले दो महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेशों (Executive Orders) पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा कि वे एक बार फिर उन नवजात शिशुओं की संख्या को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अमरीकी भू-भाग पर जन्म लेते ही स्वतः अमरीकी नागरिक बन जाते हैं। यह इस बात का प्रत्यक्ष संकेत है कि जन्म के अधिकार से प्राप्त होने वाली नागरिकता को सीमित करने की उनकी पहली कोशिश को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बावजूद, वे नए कानूनी दृष्टिकोण के साथ पुनः प्रयास करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।

📜 ट्रंप के दो नए आदेश: किन श्रेणियों के बच्चों को नहीं मिलेगी स्वतः अमरीकी नागरिकता?

राष्ट्रपति ने वाशिंगटन में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वे इमिग्रेशन (आप्रवासन) व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।

इनमें से प्रथम आदेश उन परिस्थितियों व श्रेणियों को सीमित करता है जिनके अंतर्गत अमरीका में जन्मे बच्चे अमरीकी नागरिकता के पात्र होते हैं। वहीं, द्वितीय आदेश तथाकथित ‘बर्थ टूरिज्म’ (Birth Tourism)—अर्थात् केवल बच्चे को जन्म देकर अमरीकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमरीका आने वाले विदेशी नागरिकों—को रोकने पर केंद्रित है। नए प्रावधानों के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चों को स्वतः नागरिकता नहीं प्राप्त होगी:

  • राजनयिक व विदेशी प्रतिनिधि: विदेशी दूतावासों अथवा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से संबद्ध व्यक्तियों के बच्चे।

  • शत्रु विदेशी (Alien Enemies): अमरीका द्वारा घोषित शत्रु विदेशी श्रेणी के अंतर्गत आने वाले नागरिकों के बच्चे।

  • धोखाधड़ी के मामले: ऐसे माता-पिता जिनके द्वारा नागरिकता या वीजा प्राप्त करने हेतु फर्जीवाड़ा अथवा धोखाधड़ी की गई हो।

  • वीजा प्रतिबंध: केवल संतान जन्म के उद्देश्य से अमरीका की यात्रा करने वाले विदेशी नागरिकों के वीजा पर कड़े प्रतिबंध।

🏛️ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले ट्रंप: “हमें एक अनुचित निर्णय मिला, जिसे अब अलग तरीके से करेंगे ठीक”

राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके द्वारा जारी किए गए ये नए कार्यकारी आदेश पूरी तरह संवैधानिक सिद्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि इस ज्वलंत मुद्दे को पुनः उठाने का उनका यह प्रयास अमरीकी नागरिक बनने वालों की संख्या को मर्यादित करने के उनके प्रशासनिक संकल्प को दर्शाता है। अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा— “मुझे पूरा विश्वास था कि हम सुप्रीम कोर्ट में विजय प्राप्त करेंगे। दुर्भाग्यवश, हमें एक प्रतिकूल एवं अनुचित निर्णय प्राप्त हुआ। उस फैसले के कारण हमारे देश के हितों को नुकसान पहुँच रहा है, और अब हम इसे एक भिन्न वैधानिक मार्ग से पूर्ण कर रहे हैं।”

⚖️ संविधान विशेषज्ञों का तर्क: कानूनी लड़ाई के बीच पुनः सुप्रीम कोर्ट पहुँच सकता है मामला

इमिग्रेशन के समर्थक, मानवाधिकार संगठन एवं कई प्रमुख अमरीकी कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि अमरीकी संविधान का 14वां संशोधन (14th Amendment) स्पष्ट रूप से यह परिभाषित करता है कि अमरीकी धरती पर जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहाँ का नागरिक है।

उनका यह भी मानना है कि जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता अमरीकी लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है, क्योंकि इससे देश के भविष्य में सभी की समान हिस्सेदारी सुनिश्चित होती है। उल्लेखनीय है कि अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उन पिछले प्रयासों को खारिज कर दिया था, जिनमें अमरीका में अवैध अथवा अस्थायी रूप से निवास कर रहे प्रवासियों के बच्चों की नागरिकता समाप्त करने की बात कही गई थी। नया आदेश लागू होने के उपरांत इस विषय पर पुनः कानूनी संग्राम छिड़ना तय माना जा रहा है।

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