
पुलिस अधीक्षक बड़वानी पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी संगठन या गिरोह द्वारा स्कूल की नाबालिग बच्चियों को उकसाने, भड़काने अथवा धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर एवं एसडीओपी राजपुर बी.एल. अटोदे के मार्गदर्शन में थाना निवाली पुलिस द्वारा नाबालिग छात्राओं को उकसाने और उनकी सुरक्षा को खतरे में डालने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।
घटना का विवरण एवं पुलिस कार्रवाई।
दिनांक 15.09.2026 को एक संगठन के सदस्य दीपक पिता विक्रम निगवाल (निवासी निवाली), विकास पिता लालसिंह, मनीष पिता लालसिंह ब्राह्मणे, दीपक पिता जगदीश ब्राह्मणे (निवासीगण कुसम्या), मदन सेनानी (निवासी निवाली तलावड़ी), भीम कन्नौजे, प्रेम चौहान, देव जमरे, सुवालाल खरते, दिनेश सोलंकी एवं दादू जाधव ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (कुसम्या) निवाली में पहुंचकर हंगामा किया।
उक्त व्यक्तियों द्वारा विद्यालय की वार्डन सविता बारिया के विरुद्ध शिकायत करने हेतु नाबालिग छात्राओं को भड़काया गया और उन्हें ज़बरदस्ती हॉस्टल के कमरों से निकालकर बाहर बैठाया गया। इसके बाद वार्डन को पद से हटाने की मांग को लेकर छात्राओं को बिना किसी सुरक्षा एवं वाहन साधन के 8-10 किलोमीटर तक पैदल चलने के लिए उकसाया गया, जिससे नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
वैधानिक कार्रवाई।
विद्यालय की वार्डन सविता बारिया द्वारा थाना निवाली में दी गई लिखित शिकायत के आधार पर दिनांक 16.09.2026 को उक्त सभी 11 नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 83(2) के तहत अपराध पंजीकृत कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।